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नशे से दूरी, शिक्षा से दोस्ती का संकल्प

विजय व्यापारी ने युवाओं से व्यसनों से दूर रहकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।

नशे से दूरी, शिक्षा से दोस्ती का संकल्प

अंबिकापुर। नशे से दूरी, शिक्षा से दोस्ती और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश लेकर शुक्रवार को सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, सुभाषनगर के युवा सड़कों पर उतरे। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के ‘माई भारत’ (MY Bharat) और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रव्यापी ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत महाविद्यालय में ‘साइक्लोथॉन रन व प्लॉगिंग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

महाविद्यालय परिसर से गोद ग्राम डिगमा तक निकाली गई 4 किलोमीटर लंबी दौड़ में 245 से अधिक स्वयंसेवकों, प्राध्यापकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा के मार्गदर्शन तथा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रानी रजक के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करना रहा।

दौड़ के साथ स्वच्छता का भी दिया संदेश

कार्यक्रम की खास बात इसका प्लॉगिंग अभियान रहा। प्रतिभागियों ने दौड़ के दौरान रास्ते में फैले सिंगल यूज प्लास्टिक और अन्य कचरे को भी एकत्र किया। एनएसएस के मूल मंत्र ‘मैं नहीं, बल्कि आप’ की भावना के साथ युवाओं ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण की स्वच्छता भी जरूरी है। युवाओं की इस पहल ने ग्रामीणों और राहगीरों का ध्यान आकर्षित किया।

नशा एक व्यक्ति करता है, भुगतता पूरा परिवार : विजय व्यापारी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अंबिकापुर के सभापति एवं भाजपा पंचायत प्रकोष्ठ, सरगुजा के जिला संयोजक विजय व्यापारी रहे। आयोजन की शुरुआत अतिथियों को जीवंत पौधा और श्रीफल भेंट कर की गई। इसके बाद मुख्य अतिथि ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया।

युवाओं को संबोधित करते हुए विजय व्यापारी ने कहा कि सफल जीवन की पहली शर्त व्यसनों से दूरी है। नशा एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। उन्होंने युवाओं से गुटखा, तंबाकू और शराब जैसी बुरी आदतों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपनी ऊर्जा डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बनने जैसे लक्ष्य हासिल करने तथा शिक्षा और अध्ययन में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा जब नशे के बजाय शिक्षा को अपनाएंगे, तभी वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा।

सामूहिक शपथ के साथ अभियान का समापन

दौड़ के गोद ग्राम डिगमा पहुंचने के बाद आयोजित समापन सत्र में प्रतिभागियों और ग्रामीणों को नशे से दूर रहने तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।

इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक सुश्री सविता यादव, सुश्री सीमा बंजारे, सुश्री पूजा रानी, सुश्री ज्योत्स्ना राजभर, सुश्री अर्चना सोनवानी, श्री नितेश कुमार यादव, श्री सुंदरराम सहित महाविद्यालय के प्रशिक्षणार्थी और बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे। आभार प्रदर्शन एवं राष्ट्रगान के साथ लगभग तीन घंटे तक चले इस प्रेरणादायी अभियान का समापन हुआ।

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