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युवाओं के मन में क्यों पनप रहा आक्रोश? निबंधों में खुलकर सामने आई बेरोजगारी और भविष्य की चिंता

स्वतंत्र भारत में युवा आक्रोश के कारण और निदान विषय पर हुई प्रतियोगिता, करीब 100 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लिया हिस्सा।

युवाओं के मन में क्यों पनप रहा आक्रोश? निबंधों में खुलकर सामने आई बेरोजगारी और भविष्य की चिंता

अम्बिकापुर, 05 नवंबर 2026। युवाओं के भीतर बढ़ता आक्रोश आखिर किन परिस्थितियों का परिणाम है? क्या इसके पीछे बेरोजगारी, रोजगार के सीमित अवसर और भविष्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता जिम्मेदार है? इन सवालों के जवाब अम्बिकापुर में आयोजित एक निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से सामने आए। विद्यार्थियों ने अपनी लेखनी के जरिए युवाओं की मनोदशा, सामाजिक परिस्थितियों और मौजूदा चुनौतियों को बयां किया। प्रतियोगिता में सामने आया कि युवाओं के बढ़ते असंतोष की सबसे बड़ी वजह रोजगार की चिंता, बेरोजगारी और भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता है।

सेवा किटी समूह द्वारा महाविद्यालय एवं हाईस्कूल स्तर पर आयोजित इस निबंध प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि इसमें विद्यार्थियों के साथ केंद्रीय जेल में निरुद्ध युवाओं ने भी भागीदारी की। उन्होंने भी अपने विचारों के माध्यम से युवाओं के आक्रोश के कारणों और उसके समाधान पर अपनी बात रखी।

रोजगार के अवसरों की कमी से बढ़ रहा युवाओं में असंतोष

'स्वतंत्र भारत में युवा आक्रोश के कारण और निदान' विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों को गंभीरता से उठाया। निबंधों के अवलोकन में रोजगार की तलाश, बेरोजगारी और भविष्य को लेकर असुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि युवाओं के आक्रोश को केवल अनुशासनहीनता या असंतोष के रूप में देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपे सामाजिक और आर्थिक कारणों को समझना भी जरूरी है।

मनोरंजन से आगे बढ़कर समाजसेवा की मिसाल बना सेवा किटी समूह

प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग डॉ. राजेश कुमार सिंह के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम में शासकीय कन्या शाला की प्राचार्य श्रीमती अपर्णा दुबे, संरक्षिका डॉ. श्रीमती पुष्पा सोनी एवं रंजय स्वर्णकार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

समूह की संस्थापिका वंदना दत्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वर्ष 2019 से संचालित सेवा एवं जनहित के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समूह पिछले तीन वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को सामाजिक विषयों पर सोचने और अपनी अभिव्यक्ति का अवसर देना है।

किटी का अर्थ केवल मनोरंजन नहीं, समाजसेवा भी है

मुख्य अतिथि डॉ. राजेश कुमार सिंह ने कहा कि आमतौर पर किटी को मनोरंजन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अम्बिकापुर की महिलाओं ने सेवा किटी समूह के माध्यम से इस सोच को बदलते हुए समाजसेवा की नई पहचान बनाई है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता को निखारने का अवसर देते हैं।

उन्होंने समूह के 'परवाज' कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बालक-बालिकाओं के बीच सार्थक संवाद स्थापित कर उन्हें जीवन में नई दिशा देने का निशुल्क प्रयास सराहनीय है।

शिक्षा संस्थानों ने भी आगे सहभागिता का दिया भरोसा

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अंजन सिंह ने कहा कि शिक्षा महाविद्यालय के प्रशिक्षार्थी भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं में सक्रिय सहभागिता करेंगे। उन्होंने सेवा किटी समूह की पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। वहीं श्रीमती अपर्णा दुबे एवं डॉ. पुष्पा सोनी ने कहा कि इस मंच के माध्यम से गृहिणी महिलाओं को समाजसेवा के साथ अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।

जिला चिकित्सालय में निशुल्क चाय सेंटर सहित सेवा कार्यों की सराहना

समारोह में अतिथियों ने जिला चिकित्सालय में सेवा किटी समूह द्वारा संचालित निशुल्क चाय सेंटर और अभिरुचि केंद्र जैसे स्थायी सेवा कार्यों की विशेष सराहना की। कार्यक्रम के दौरान निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

इसके साथ ही तीज उत्सव की विजेता ज्योति द्विवेदी, डॉ. पुष्पा सोनी, सत्या दुबे, मधु चौदह एवं स्मिता तिवारी को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में संतोष पांडे, जया तिवारी, लिली बसु, कुंजबाला जायसवाल, सरिता भाटिया, रश्मि गुप्ता, पूनम जायसवाल, श्रद्धा खेरपांडे, नीलिमा गोयल, ज्योति अग्रवाल, नीलिमा मिश्रा, बलविंदर टूटेजा, वंदना सिंह, दीपमाला सिंह, तुलसी शर्मा, नमिता चावला, अल्पना मिश्रा, चंदा सिंह एवं नीलू त्रिपाठी सहित समूह की अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।

करीब 100 विद्यार्थियों और शिक्षकों की रही सहभागिता

इस आयोजन में शिक्षा महाविद्यालय, गर्ल्स कॉलेज, पीजी कॉलेज, होलीक्रॉस स्कूल, विक्टोरिया पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर, मल्टीपरपज एवं पुलिस लाइन हाईस्कूल के लगभग 100 विद्यार्थी और शिक्षक शामिल हुए। प्रतियोगिता ने युवाओं को अपनी समस्याओं, विचारों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर खुलकर लिखने का अवसर दिया।

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