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सरकारी जमीन पर निर्माण का विवाद गरमाया! ग्रामीणों ने की अवैध निर्माण हटाने की मांग, प्रशासन से कार्रवाई की अपील

डांडकांवा में शासकीय भूमि की नाप से मचा हड़कंप! सरकारी जमीन पर निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने उठाई आवाज

सरकारी जमीन पर निर्माण का विवाद गरमाया! ग्रामीणों ने की अवैध निर्माण हटाने की मांग, प्रशासन से कार्रवाई की अपील

प्रतापपुर (सूरजपुर)। डांडकांवा ग्राम पंचायत में बाजार की शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला सामने आया है। सरकारी जमीन पर फाउंडेशन निर्माण के लिए गड्ढे खोदे जाने की सूचना पर ग्रामीण एकजुट हो गए और मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को पंच-सरपंच एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में राजस्व निरीक्षक (आरआई) और पटवारी द्वारा खसरा नंबर 1390, 1392 और 1393 की जमीन की नाप की गई। ग्रामीणों का दावा है कि नाप के दौरान संबंधित भूमि शासकीय पाई गई। इसके बाद सरकारी जमीन पर किए जा रहे निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई।

करीब 100 वर्ग मीटर भूमि पर निर्माण का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजकुमारी, पति राजेंद्र प्रसाद, द्वारा बाजार की शासकीय भूमि पर फाउंडेशन निर्माण के लिए गड्ढे खुदवाए गए तथा करीब 100 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर हटानुमा निर्माण भी किया गया है। ग्रामीणों ने संबंधित पक्ष से निर्माण हटाने और सरकारी भूमि को पूर्व स्थिति में लाने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।

मौके पर पहुंचे राजस्व अधिकारी

ग्रामीणों की शिकायत के बाद राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार के मौके पर पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों के मुताबिक, अधिकारियों ने कथित अवैध निर्माण को हटवाने का आश्वासन दिया। वहीं, मौके पर ग्रामीणों की सहमति से खोदे गए गड्ढों को वापस भरने का निर्णय लिया गया। पूरे मामले का पंचनामा तैयार कर ग्रामीणों ने उस पर हस्ताक्षर भी किए हैं।

कार्रवाई नहीं हुई तो चक्काजाम की चेतावनी

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार की शासकीय भूमि पर किए गए कथित अवैध निर्माण को तत्काल हटाया जाए तथा खोदे गए गड्ढों को भरवाकर जमीन को सुरक्षित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करते हुए चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।

अब इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि की स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रशासन कथित अतिक्रमण के मामले में क्या कदम उठाता है।

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