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दिवाली की मिठास पर महंगाई का तड़का, अमूल घी और मक्खन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

घी के दाम में 50 रुपये और मक्खन में 15 रुपये तक का इजाफा, त्योहारों की खरीदारी से पहले आम आदमी को झटका।

दिवाली की मिठास पर महंगाई का तड़का, अमूल घी और मक्खन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

देशभर। दिवाली से पहले आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों में शामिल अमूल ने अपने घी और मक्खन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। त्योहारों के मौसम में जहां घरों में मिठाइयों और पकवानों की तैयारी के लिए घी-मक्खन की खरीदारी बढ़ जाती है, वहीं कीमतों में इस इजाफे से आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।

अमूल ने 1 किलोग्राम घी के पैक की कीमत में 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की है, जबकि 500 ग्राम मक्खन के पैक पर 15 रुपये बढ़ाए गए हैं। त्योहार से ठीक पहले हुई इस बढ़ोतरी का असर उन परिवारों पर पड़ेगा, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल के साथ दिवाली की तैयारियों के लिए डेयरी उत्पाद खरीदते हैं।

घी की कीमत में 50 रुपये तक का इजाफा

दिवाली के दौरान घी की मांग तेजी से बढ़ जाती है। मिठाइयां बनाने से लेकर घरों में पारंपरिक पकवान तैयार करने तक घी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी से ग्राहकों को अब पहले की तुलना में अधिक पैसे खर्च करने होंगे।

नई कीमतों के अनुसार, एक किलो घी के पैक पर 50 रुपये और आधा किलो मक्खन के पैक पर 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से त्योहारों के दौरान डेयरी उत्पादों की खरीदारी का खर्च बढ़ सकता है।

नकली घी के खिलाफ कार्रवाई के बीच बढ़ी ब्रांडेड उत्पादों की मांग

घी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे ब्रांडेड उत्पादों की बढ़ती मांग को भी एक वजह बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुजरात और राजस्थान में ब्रांडेड घी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे बाजार में मिलावटी और संदिग्ध नकली घी के खिलाफ हुई कार्रवाई को भी एक कारण माना जा रहा है।

पिछले छह महीनों के दौरान बाजार से करीब 2 लाख किलोग्राम संदिग्ध नकली घी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद उपभोक्ताओं का रुझान ब्रांडेड और भरोसेमंद कंपनियों के उत्पादों की ओर बढ़ने की बात कही जा रही है।

दिवाली की खरीदारी पर पड़ेगा सीधा असर

दिवाली के दौरान घरों में मिठाइयां, नमकीन और कई तरह के पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं। ऐसे में घी और मक्खन की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। पहले से ही खाद्य पदार्थों की कीमतों से जूझ रहे परिवारों के लिए डेयरी उत्पादों का महंगा होना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है।

त्योहार से ठीक पहले घी और मक्खन की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि अन्य डेयरी कंपनियां भी कीमतों में बदलाव करती हैं या बाजार में मौजूदा कीमतों पर ही अपने उत्पाद उपलब्ध रखती हैं।

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