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सड़क पर लटके तार बने जानलेवा, दुर्गा पंडाल के आयोजकों पर केस

अम्बिकापुर में बाइक सवार की मौत के मामले में पुलिस ने दो आयोजकों के खिलाफ दर्ज की FIR।

सड़क पर लटके तार बने जानलेवा, दुर्गा पंडाल के आयोजकों पर केस

अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में दुर्गा पूजा पंडाल के सामने कथित लापरवाही से लगाए गए तार एक बाइक सवार की मौत की वजह बन गए। कोतवाली थाना क्षेत्र के जयस्तंभ चौक के पास हुए इस दर्दनाक हादसे में मायापुर निवासी फैजान की जान चली गई। मामले में पुलिस ने जागृति समिति मंडल, जयस्तंभ चौक से जुड़े आयोजक सुरेश कन्नौजिया और संदीप अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सड़क पर घायल पड़े थे फैजान और समीर

एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, 16 अक्टूबर की शाम करीब 6:50 बजे शिकायतकर्ता को मोबाइल फोन पर सूचना मिली कि उनका भाई फैजान अपने साथी समीर के साथ जयस्तंभ चौक स्थित यामाहा शोरूम के पास सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। वहां फैजान के गले में रस्सी, जीआई तार और बिजली का तार फंसा हुआ था। शिकायत में बताया गया है कि करंट लगने से उसके गले पर जलने के गहरे काले निशान थे।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से फैजान और समीर को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद फैजान को मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर से परिजनों में शोक छा गया। एक दर्दनाक हादसे ने सड़क पर सुरक्षा इंतजामों और सार्वजनिक आयोजन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिना संकेतक और रोशनी के तार बांधने का आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जागृति समिति मंडल, जयस्तंभ चौक के दुर्गा पंडाल के सामने बीच सड़क पर रस्सी, जीआई तार और बिजली के तार बांधे गए थे। आरोप के मुताबिक, वहां न तो कोई संकेतक लगाया गया था और न ही पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान बाइक सवार फैजान तारों में फंस गया और करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।

दो आयोजकों के खिलाफ अपराध दर्ज

मामले में अम्बिकापुर कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुरेश कन्नौजिया और संदीप अग्रवाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 126(A) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे में कथित लापरवाही की जिम्मेदारी और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद होगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। सड़क पर तार या रस्सी लगाने जैसी व्यवस्था में पर्याप्त संकेतक, रोशनी और सुरक्षित आवागमन का इंतजाम नहीं होने पर गंभीर हादसे हो सकते हैं। फैजान की मौत ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि सार्वजनिक सड़क पर इस तरह की व्यवस्था किसकी अनुमति से की गई और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं हुआ। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

 
 
 
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