बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दूध, दही, घी और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों के बाद अब लोगों के रोजमर्रा के नाश्ते में शामिल पोहा भी जांच के घेरे में आ गया है। बिलासपुर में एक रिटेल दुकान से लिए गए ब्रांडेड पोहे का नमूना सरकारी प्रयोगशाला की जांच में अमानक पाया गया है। जिस पोहे को लोग सुबह के नाश्ते से लेकर दिनभर हल्के भोजन के रूप में इस्तेमाल करते हैं, वही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने रिलायंस रिटेल स्टोर से ‘लाल किला’ ब्रांड के पोहे का नमूना लेकर जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग के अधिकारियों ने संबंधित सप्लायर के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस पोहे की सप्लाई बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के भाटापारा स्थित लक्ष्य फर्म से की गई थी।
भाटापारा की लक्ष्य फर्म से हुई थी सप्लाई, विभाग ने जारी किया नोटिस
प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पोहा अमानक पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने भाटापारा की लक्ष्य फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित फर्म ने ‘लाल किला’ ब्रांड के पोहे की सप्लाई छत्तीसगढ़ में किन-किन स्थानों और दुकानों पर की है।
अधिकारियों द्वारा फर्म से वितरण और बिक्री से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अमानक पोहा किन-किन बाजारों तक पहुंचा है। अब खाद्य विभाग की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि प्रदेश में इस पोहे की कितनी मात्रा सप्लाई हुई और कितने उपभोक्ताओं तक यह पहुंच चुका है।
रोजमर्रा के नाश्ते में शामिल पोहा जांच के घेरे में
पोहा छत्तीसगढ़ सहित देश के कई हिस्सों में लोगों के नाश्ते का लोकप्रिय विकल्प है। सुबह बच्चों के स्कूल जाने से पहले नाश्ते से लेकर दोपहर और शाम के हल्के भोजन तक इसका इस्तेमाल किया जाता है। कई परिवारों में चावल के विकल्प के रूप में भी पोहे का सेवन किया जाता है।
ऐसे में पोहे का अमानक पाया जाना आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के खानपान में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू की सप्लाई चेन की पड़ताल
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी अब संबंधित फर्म से पूछताछ कर रहे हैं। जांच में यह जानकारी जुटाई जा रही है कि पोहे का उत्पादन या पैकेजिंग कहां हुई, इसकी सप्लाई किन दुकानों तक की गई और कितनी मात्रा में इसकी बिक्री हुई।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, खाद्य अधिकारी ने दी चेतावनी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरआर देवांगन ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अमानक और दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से लोग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विभाग गंभीर है और ऐसे मामलों में जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाटापारा की फर्म से सप्लाई हुआ यह पोहा कितने शहरों और दुकानों तक पहुंचा है। खाद्य विभाग की आगामी जांच और कार्रवाई से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
